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शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

गणेश चालीसा

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण,

लक्ष्मी चालीसा

मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥

शनि चालीसा

जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥

श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

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हनुमान जी की आरती​

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥

कुंज बिहारी की आरती

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला

श्याम बाबा की आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

शीतला माता आरती

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता॥

ॐ जय जगदीश आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

महादेव जी की आरती​

हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव  सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥