Aarti

Aarti Sangrah in Hindi

आरती (Arti, arati) Aarti Sangrah of Hindu Gods and Goddesses. In this page you can read all Hindu Gods Aarti Sangrah in Hindi

Collection of Aarti Sangrah in Hindi

Hanuman Ji Ki Aarti

Hanuman Ji Ki Aarti

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥…

Shiv Ji Ki Aarti

ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥…

Om Jai Jagdish Aarti

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥…

Ganesh Ji Ki Aarti

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती,…

Aarti Kunj Bihari Ki

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला

Lakshmi Ji Ki Aarti​

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥

Shani Dev Ki Aarti

जय जय श्री शनिदेवभक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभुछाया महतारी॥

Khatu Shyam Ji Ki Aarti

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

Ram Ji Ki Aarti

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन,हरण भवभय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख करकंज पद कंजारुणम्॥

Mahadev Ji Ki Aarti​

हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव  सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥

Durga Ji Ki Aarti

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली । तेरे ही गुण गाये भारती,

Ambe Maa Ki Aarti

जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ जय अम्बे गौरी

Santoshi Mata Ki Aarti

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता । अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता ।

Saraswati Mata Ki Aarti

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।

Vaishno Mata Ki Aarti

जै वैष्णो माता, मैया जै वैष्णो माता, हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता

Parvati Ji Ki Aarti

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता ।

Tulsi Mata Ki Aarti

जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता

Gayatri Mata Ki Aarti

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥

Shitala Mata Ki Aarti

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता॥