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Ambe Maa Ki Aarti

Ambe Maa Ki Aarti in Hindi : Durga Ji Ki Aarti

इस आरती में माँ दुर्गा की महिमा को बताया गया है। Ambe Maa Ki Aarti नवरात्रि में जरुर गाई जाती है। जो भी माँ दुर्गा की आरती सचे मन से गाते हैं, उससे मां दुर्गा खुश रहती हैं। नवरात्रि की पूजा को दुर्गा आरती के बिना पूरा नहीं किया जाता है। मां दुर्गा की आरती की हर एक पंक्ति अपने आप में एक मंत्र है।

हिंदू धर्म में देवी दुर्गा, देवी का नाम है जो ‘शक्ति’ के अवतार हैं। वह पार्वती, अंबिका या संतोषी माता जैसे कई अन्य नामों से भी जानी जाती है। दैत्यों का संहार करने वाली और दुष्टता का नाश करने वाली, दुर्गा पूजा के दस दिनों के त्योहार के दौरान उनकी पूजा की जाती है। जय अम्बे गौरी: माँ दुर्गा जी की आरती 

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Maa Ambe Aarti : दुर्गा माता की आरती

Ambe Maa ki Aarti in Hindi Lyrics

जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी।

तुमको निशिदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी॥

जय अम्बे गौरी

माँग सिन्दूर विराजत,टीको मृगमद को।

उज्जवल से दो‌उ नैना,चन्द्रवदन नीको॥

जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर,रक्ताम्बर राजै।

रक्तपुष्प गल माला,कण्ठन पर साजै॥

जय अम्बे गौरी

केहरि वाहन राजत,खड्ग खप्परधारी।

सुर-नर-मुनि-जन सेवत,तिनके दुखहारी॥

जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित,नासाग्रे मोती।

कोटिक चन्द्र दिवाकर,सम राजत ज्योति॥

जय अम्बे गौरी

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे,महिषासुर घाती।

धूम्र विलोचन नैना,निशिदिन मदमाती॥

जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे,शोणित बीज हरे।

मधु-कैटभ दो‌उ मारे,सुर भयहीन करे॥

जय अम्बे गौरी

ब्रहमाणी रुद्राणीतुम कमला रानी।

आगम-निगम-बखानी,तुम शिव पटरानी॥

जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,नृत्य करत भैरूँ।

बाजत ताल मृदंगा,अरु बाजत डमरु॥

जय अम्बे गौरी

तुम ही जग की माता,तुम ही हो भरता।

भक्‍तन की दु:ख हरता,सुख सम्पत्ति करता॥

जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित,वर-मुद्रा धारी।

मनवान्छित फल पावत,सेवत नर-नारी॥

जय अम्बे गौरी

कन्चन थाल विराजत,अगर कपूर बाती।

श्रीमालकेतु में राजत,कोटि रतन ज्योति॥

जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती,जो को‌ई नर गावै।

कहत शिवानन्द स्वामी,सुख सम्पत्ति पावै॥

जय अम्बे गौरीMa

Ambe Maa Ki Aarti Lyrics in English

Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri

tumko nish din dhyavat, hari brahma shivji

Jai ambe gauri

Maang sindoor virajat, tiko mrig-mad ko
ujjwal se dou naina, chandra vadan niko

Jai ambe gauri

Kanak samaan kalewar, raktaambar raaje
rakt pushp gal-mala, kanthan par saaje 

jai ambe gauri

Kehri vahan rajat, kharag khapar dhaari
sur nar muni jan sevat, tinke dukh haari

 jai ambe gauri

Kanan kundal shobhit, naas-agre moti
kotik chandra divakar, sum rajat jyoti 

jai ambe gauri

Shumbh ni-shumbh vidare, mahisha sur ghati
dhumra-vilochan naina, nish-din- mad mati

jai ambe gauri

Chandh mundh sangh-haare, shonit beej hare
madhu kaitabh dou maare, sur bhe heen kare 

jai ambe gauri

Brahmani rudrani, tum kamla rani
aagam nigam bakhani, tum shiv patrani

jai ambe gauri

Chon-sath yogini gavat, nritya karat bhairon
baajat taal mridanga, aur baajat damaroomaroo  

jai ambe gauri

tum ho jag ki maata, tum hi ho bharta
bhakto ki dukh harata, sukh sampati karata 

jai ambe gauri

Bhuja chaar ati shobit, var mudra dhaari
man vaanchit phal pavat, sevat nar naari 

jai ambe gauri

Kanchan thaal virajat, agar kapoor baati
shri maal-ketu me rajat, kotik ratan jyoti 

jai ambe gauri

Shri ambe-ji-ki aaarti, jo koi nar gaave
kahat shivanand swami, sukh sampati pave 

jai ambe gauri

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